स्वतंत्रता दिवस पर बधाई संदेश

स्वतन्त्रता दिवस हमारे सम्पूर्ण भारत वर्ष के लिए गौरव गाथा का दिन हैं l यह दिन लाखों देशवासियों के अदम्य बलिदान का प्रतीक है, और मैं इस विस्मरणीय दिन के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को 72 वें स्वतन्त्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनायें और बधाई देता हूँ l यह दिन हमारे उन बलदानियों की याद दिलाता हैं जो हमारे देश की रक्षा और लाज के खातिर अपने प्राणों का बलिदान बिना की किसी स्वार्थभावना के आधार पर किया हैं l मैं ऐसे अपने सभी बलदानियों को इस दिवस के पावन उपलक्ष्य पर सत-सत नमन करता हूँ l आज के दिन को भारत के इतिहास का सबसे सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है | 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ था जिसे आजाद करने के लिए न जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जाने गंवाई थी l

आज हम जिस खुली फिजा में सांस ले रहे हैं वो हमारे पूर्वजों के बलिदान और त्याग का परिणाम है। हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि मुश्किलों से मिली आजादी की रुह को समझें। आजादी के दिन तिरंगे के रंगो का अनोखा अनुभव महसूस करें इस पर्व को भी आजाद भारत के जन्मदिवस के रूप में पूरे दिल से उत्साह के साथ मनाएं। स्वतंत्रता का मतलब केवल सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता न होकर एक वादे का भी निर्वाह करना है कि हम अपने देश को विकास की ऊँचाइयों तक ले जायेंगें। भारत की गरिमा और सम्मान को सदैव अपने से बढकर समझेगें।

भारत की यह स्वतन्त्रता हमे ऐसे ही नहीं मिली हैं इसके लिए हमारे देश ने बहुत कुछ खोया हैं l इस स्वतंत्रता का स्वाद वही जान सकता हैं जिसने गुलामी का मज़ा चखा हों l पराधीनता के दर्द को भारत और भारतवासियों से अधिक कौन समझ सकता है जिन्हें सैकड़ों वर्षों तक अंग्रेजी सरकार के अधीन रहना पड़ा । स्वतंत्रता के महत्व को वह व्यक्ति पूर्ण रूप से समझ सकता है जो कभी पराधीन रहा है । हमारी स्वतंत्रता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जितना के एक व्यक्ति के जीवन में साँसे l  इस स्वतंत्रता के लिए कितने वर्षों तक लोगों ने संघर्ष किया, कितने ही अमर शहीदों ने देश को स्वतंत्र कराने के लिए हँसते-हँसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया ।

भारतीयों के लिए यह दिन असाधारण है, जो हमें यह सोचने पर बाध्य करता है कि अपने भविष्य को बनाने के लिए हम अपनी पुरानी गलतियों को न दुहराएं और देश की एकता और अखण्डता की हर कीमत पर रक्षा करें । तभी हम गर्व के साथ कह पाएंगे की हम सच्चे  भारतीय हैं l आजादी कहने को सिर्फ एक शब्द है लेकिन इसकी भव्यता को कोई भी शब्दों में नही बांध सकता l आजादी कोई शब्द मात्र का बंधन नहीं हैं और न ही डोर हैं जिस बांध कर रख लिया जाए यह तो आपार फैली हुई भारत देश की सभ्यता, संस्कृति और अखंडता हैं l

आज़ादी का मूल्य तो भारत के महान और सच्चे नायक भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, सुभाषचंद्र बोस आदि के प्राण खोकर चुकाया हैं l देश की आजादी की कहानी में शायद ही कोई ऐसा पन्ना हो जो आंसुओं से होकर ना गुजरा हो l देश को शायद आज एक नए स्वतंत्रता संग्राम की जरूरत है इस स्वतंत्र देश के नागरिक होने के नाते हमे अपने आप से ये वादा करना है कि हम अपने देश को विकास की ऊंचाइयों तक ले जायेंगे और भारत को फिर से सोने की चिड़िया बनाएगे ताकि हमारे देशभक्तों और शहीदों का बलिदान व्यर्थ ना जाए l

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