युवा हैं भारत के कर्णधार

किसी भी देश के कर्णधार उस देश की युवा शक्ति होती हैं, किसी भी राष्ट्र का निर्माण उस देश के युवाओं के बिना अधूरा हैं , क्यों की युवा उस देश के राष्ट्र निर्माण की शक्ति होते हैं l जिस प्रकार मानव शरीर में रीड़ की हड्डी कमजोर होने पर या फिर टूट जाने पर शरीर किसी काम का नहीं रह जाता हैं उसी प्रकार देश में युवाओं के कमजोर हो जाने पर समूचा राष्ट्र शक्ति विहीन हो जाता हैं l अगर राष्ट्र को समृद्धि शाली बनाना चाहते हैं तो पहले देश के युवाओं को शक्तिशाली और मजबूत बनाए, क्यों की पूरा विकाश इन्हीं के कंधों पर निर्भर हैं l

हर साल समूचा विश्व 12 अगस्त को युवा दिवस के रूप में मनाता हैं l लेकिन हमारे देश भारत में इसे 12 जनवरी को “राष्ट्रीय युवा दिवस” स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में मनाते हैं l स्वामी जी हमारे देश के युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत और ऊर्जा के स्त्रोत भी हैं l इस दिवस को मनाने का चलन 12 अगस्त 2000 में संयुक्त राष्ट्र के द्वारा विश्व युवा सम्मेलन के दौरान हुआ था l नव युवक अतीत का गौरव और भविष्य का कर्णधार होता हैं l युवा देश के भाग्य का निर्माण करते हैं इसलिए उन्हें देश के भाग्य निर्माता भी कहा जा सकता हैं l समाज के आलावा देश के प्रतीक हमारे युवा उच्च महत्वाकांक्षाओं और गहन ऊर्जा से परिपूर्ण होते है युवाओ की आंखों में अपने और देश के उज्वल भविष्य के कई तरह के इंद्रधनुषी सपने होते हैं, हमारे देश को बेहतर बनाने के अलावा राष्ट्र के निर्माण में भी युवायो का ही अमूल्य योगदान होता है

आज विश्वभर में अधिकतर युवा बिलासिता और सुख-सुविधा को देखते हुए अपनी देश की जमीन को छोड़कर दूसरी जगह जा रहे हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं। युवा किसी भी राष्ट्र की शक्ति होते हैं और विशेषकर भारत जैसे महान राष्ट्र की ऊर्जा तो युवाओं में ही निहित है। ऐसे में अगर युवाओं का भारी संख्या में प्रवासन होता है तो इससे न केवल उस राष्ट्र की अक्षमता प्रदर्शित होती है, बल्कि इससे देश की विकास का सशक्त आधार भी समाप्त हो जाता है।

अंतर्राष्ट्री युवा दिवस का उद्देश्य गरीबी उन्मूलन एवं सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए युवा लोगों की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करना है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मनाने का मतलब है कि सरकार युवाओं के मुद्दों और उनकी बातों पर ध्यान आकर्षित करे। आज के समय में ऐसे कई युवा है जो देश की तरक्की में अपना अहम योगदान दे रहे है लेकिन कुछ युवाओ से यह कार्य पूर्ण नहीं होगा जब तक देश के सभी युवा एकजुट नहीं हो जाते है तब तकमेरा भारत महानइस पंक्ति को सार्थक नहीं किया जा सकता है l

 

Facebook Comments